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रिच डैड पुअर डैड- अमीर बनय केर आसान रास्ता


किछ दिन पहिने प्रधानमंत्री के सलाहकार सैम पित्रोदा केर बयान आयल छल जे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ दिमाग अमीर लोकक समस्या सुलझाबय मे लागल अछि. एहि सं गरीब सभ पर नीक सं ध्यान नहि देल जा पा रहल अछि.

ई कहनाय शत प्रतिशत सही अछि. एहि के नीक सं समझय के लेल अहां के रॉबर्ट टी. कियोसाकी के लिखल रिच डैड पुअर डैड पढ़य पड़त.

एहि किताब के लेखक के कहनाए छनि जे दुनिया मे जतेक आदमी अछि ओकरा
चारि कटेगरी मे बांटल जा सकैत अछि. E,S, B आओर I.

ई यानी इंप्लॉयी... जे कोनो नहि कोनो तरहे जॉब...नौकरी करय छथिन्हि. चाहे ओ चपरासी होए आ कोनो कंपनी के चेयरमैन. क्लर्क होए आ सीईओ. नौकरी करय वाला कोनो कंपनी आ संस्थान के अपन टाइम दय छथिन्ह तं हुनका वेतन मिलय छनि. जेना-जेना प्रमोशन होए छनि ओना-ओना टेंशन आओर टाइम बढ़ल जाए छनि.

नौकरी मे अहां अपना लेल नहि काज करय छी बल्कि जे कंपनी मे नौकरी करय छी ओकरा लेल काज करय छी. जेहिआ कंपनी के लागत कि अहां हुनका काज लायक नहि छी ओ अहां के लात मारि बाहर करि दैत.

अहां 20-30 साल के नौकरी के बादहुं सड़क पर आबि सकय छी. एहि कटेगरी के लोग खूब स्मार्ट... पढ़ल-लिखय... स्कूल-कॉलेज के टॉपर...दिमाग वाला रहय छथिन्ह.

अगिला कटेगरी अछि एस यानी स्मॉल बिजनेस मैन आ सेल्फ इंप्लायी. एहि कटेगरी के लोक आ तं छोट मोट बिजनेस करय छथिन्ह आ छोट-मोट काज. एहि मे दोकानदार सं लsक अपन काज करय वाला वकील... अकांउटैंट...नर्सिंगहोम चलाबय वाला डॉक्टर...दस-बीस स्टॉफ राखि काज करय वाला लोक शामिल छथिन्ह.

ओना ई तं अपन काज करय छथिन्ह मुदा जखन तक ई खुद अपने काज मे नहि लागय छथिन्ह तखन तक हिनका काज के संतुष्टि नहि मिलय छनि.

डॉक्टर जखन तक खुद नर्सिंग होम मे नहि रहताह हुनका लगबे नहि करतन्हि जे ओ नीक सं चलि रहल छनि. दोकानगार...खुदरा..होलसेल वाला जखन तक खुद नहि रहताह तखन तक हुनका नहि लगैत छनि जे दोकान नीक सं चलि रहल छनि.

एहिने वकील...कंसल्टैंट आओर खुद अपन धंधा करय वाला छोट...मीडियम तबका के लोक के संग होए छनि. हिनका संग एकटा प्रॉब्लम इहो रहय छनि जे ई अपन छोट-मोट कंपनी... दोकान... संस्था सं बेसि दिन दूर नहि रहि सकय छथिन्ह आ नहि बंद राखी सकय छथिन्ह. एहि कारण घर-परिवार के बेसि समय नहि द पाबय छथिन्ह.

हिनका ई डर रहय छनि जे बेसि दिन नहि रहला पर दोकान चौपट भ जाएत आ क्लाइंट दूर भ जाएत. ई कटेगरी जकां ईहो जतेक टाइम दय छथिन्ह ओतेक कमाय छथिन्ह.  मुदा टाइम लिमिट रहला के कारण अहां एक सीमा सं बेसि काज नहि करि सकय छी एहि लेल अहांक आमदनी एक सीमा सं बेसि नहि भ सकैत अछि.

एकर बाद आबैत अछि बी... बी यानी बिग बिजनेस मैन. बिग बिजनेसमैन जकरा ओहिठाम कम सं कम 500 लोक काज करैत अछि. जे एकटा सिस्टम बना दय छथिन्ह. जतय कंप्यूटर...प्रोडक्शन...अकाउंट...एचआर जकां डिपार्टमेंट सभ बंटल रहैत अछि. सभ के अलग-अलग हेड रहैत अछि. ओहि सभ के मिला के सेहो किछ हेड...चीफ होएत अछि. जे पूरा कामकाज पर नजर रखैत अछि.

एहि मे मालिक के खुद रहय...देखय के जरूरत नहि पड़य छनि, एहि मे मालिक अपन हेड के एकटा टार्गेट...लक्ष्य द दय छथिन्ह जकरा स्टॉफ सभ के पूरा करय के रहय छनि. अहां के अपन काज... प्रदर्शन करि के देखाबय पड़ैत अछि.

एहि कटेगरी मे मालिक भने 6 मास अपन कंपनी मे नहि रहय छथिन्ह कोनो फर्क नहि पड़य छनि. ओ फोन... ईमेल सं कंपनी के कामकाज के रिपोर्ट अधिकारी सभ सं लैत रहय छथिन्ह. सभ किछ सिस्टम सं चलैत अछि. मालिक के कोनो टेंशन नहि. टेंशन काज करय वाला के रहय छनि.

आब अहां एहि ठाम ई आओर बी मे फर्क देख सकय छी. जतेक पढ़ल-लिखल ई कटेगरी के लोक छथिन्ह ओ बी कटेगरी के लेल काज करैत अछि.

बी कटेगरी के लेल बेसि पढ़ल-लिखल होनाए जरूरी नहि अछि मुदा ई लेल के जरूरी अछि. अंबानी... अडानी...फोर्ड जकां बेसि मालिक सभ बेसि पढ़ल लिखल नहि होए छथिन्ह बस हुनका मे अमीर बनय के जुनून होए छनि. ओ एकटा सिस्टम सं काज करय छथिन्ह.

बी कटेगरी के लोक ई कटेगरी वाला सं काज केना लेल जाए ई जानय छथिन्ह. बी कटेगरी वाला ई जनैत अछि जे ई कटेगरी वाला सं अपन आइडिया के केना अमल मे लायल जाए. केना पाई कमाएल जाए.

आखिरी कटेगरी अछि आई. आई यानी इंवेस्टर... यानी पाई सं पाई कमाय वाला. ई कटेगरी के लोक पाई वाला होए छथिन्ह. जे प्लाट के प्लाट... जमीन...अपार्टमेंट...कंपनी...स्टोर...संस्था खरीद...लोन पर द ओहि सं कमाई करय छथिन्ह. कोनो माल बना ओकरा किराया पर द ओहि सं कमाई करय छथिन्ह. शेयर बाजार मे तगड़ा निवेश करि लाभ वाला स्थिति मे आबि तुरंत बेचि कमाय करय छथिन्ह.

आब अहां ई चारु के देख विचार करिऔ जे अहां कोन कटेगरी मे छी. अगर अहां अमीर बनय चाहय छी तं अहां के रिच डैड पुअर डैड पढ़य पड़त. एहि सं अहां के पाई के बारे मे व्यावहारिक समझ बढ़त. एहि सं अहां के दिमाग...माइंडसेट एकदम सं बदलि जाएत.

एहि किताब के लेखक के पिताजी एकटा सरकारी अधिकारी छथिन्ह. ओ खूब पढ़ल-लिखल छथिन्ह... जिनकर जिनगी सरकारी तनख्वाह पर चलय छनि. ईएमआई...किश्त पर जिनगी आगां बढ़य छनि. लेखक अपन पिता के पुअर डैड मानय छथिन्ह.

हिनकर पुअर पिता पढ़ाई-लिखाई पर बेसि जोर दय छथिन्ह. कहय छथिन्ह नीक सं पढ़बह तं नीक नौकरी मिलतह... आराम सं जिनगी गुजरतह. हर महीना एकटा तय रकम मिलतह.

मुदा लेखक के कहनाए छनि जे हिनकर पुअर पिता ओतेक योग्य होएतहुं सभ दिन पाई के कमी सं जुझैत रहलखिन्ह. पाई के तंगी सं दू चारि होएत रहलाह. कोनो संपति नहि अरैज पएलाह.

सभ दिन दोसरा लेल काज करैत रहलाह. अपना लेल किछ नहि करि पएलाह. ओ सभ दिन ई कटेगरी मे बनल रहलाह.

जखन कि हिनकर दोस्त के रिच डैड सिर्फ क्लास आठ तक पढ़ल छथिन्ह. ओ अपन पुत्र आ लेखक के अमीर बनय के संदेश दय छथिन्ह आओर एहि लेल प्रेरित करय छथिन्ह.

ओ बताबय छथिन्ह जे ईमानदारी सं केना अमीर बनल जा सकैत अछि... बस स्मार्टली काज करय...आगां बढ़य के जरूरत अछि.

रिच डैड कहय छथिन्ह जे पाई नहि रहला पर लोक चोरी-डकैती...बेईमानी...घूसखोरी सं लsक द तरहक गलत काज करैत अछि.

अहां रोज अखबार मे देखैत होएब जे छोटका सं लsक बड़का अफसर तक रिश्वत काज मे केना पकड़ाएत अछि. ओ पाइए लेल न एना करय छथिन्ह.

अहां कोनो गरीब लोक...नौकरी करय वाला के दान करैत...अस्पलात...धर्मशाला बनाबैत...स्कॉलरशिप शुरू करैत...धर्मार्थ काज करैत देखलौं? दू चारि लोक मिलबो करताह तं आंगुर पर गिनय वाला.

मुदा अमीर लोक सभ के देखिऔ ओ हजारों लोक के नौकरी द...काज पर राखि रोजगार तं देबे करय छथिन्ह...हजारों परोपकार के काज सेहो करय छथिन्ह. लोक के आगां बढ़ाबय लेल स्कूल-कॉलेज सेहो खोलय छथिन्ह.

बिल गेट्स...वारेन बफे...अजीम प्रेमजी...नारायणमूर्ति हर साल करोड़ों रुपया भलाई...परोपकारी काज मे लगाबय छथिन्ह. कि ओ दू नंबर के कमाई छै कि. नहि.

अहां के पास पाई रहत तखने न अहां दोसर के मदद करबय...रहबे नहि करत तं कि करबय.

असल मे जकरा पास पाई नहि रहय छै ओ अपना के संतोष देबय लेल एहन-एहन तर्क दय छथिन्ह जे पाई वाला छै तं कोनो न कोनो तरहे गलत काज कएने होएत. सभ आलसी लोक के बहानेबाजी अछि

एहन लोक खुद मौका मिलय पर अहां के ठगय सं नहि चुकता...अहांक हजारों रुपया कर्ज नहि चुकएताह...मुदा पैघ -पैघ बात करताह.

एहि सभ के देखैत रिच डैड पुअर डैज अहां के जरूर पढ़बाक चाही.

ई किताब जखन हमरा हाथ लागल आओर हम पढ़लौं तं हमरा लागल जे ई किताब हम बीस-पचीस साल पहिने किएक नहि पढ़लहुं. अगर हम किछ साल पहिने पढ़ने रहितौं तं हमर ओतेक साल बर्बाद नहि भेल रहैत.

ई किताब एकदम आसान...बोलचाल के भाषा मे लिखल गेल अछि. हिंदी...अंग्रेजी संग 30-40 भाषा मे लिखय गेल अछि. ई दुनिया मे सभ सं बेसि बिकय वाला किताब मे शामिल अछि.

एहि किताब के अहां के सिर्फ खुद नहि पढ़बाक चाही बल्कि बच्चा सभ के सेहो पढ़यबाक चाही जेहि सं कि हुनका सभ मे सेहो रुपया-पैसा के बारे मे...कमाई के बारे मे...अमीर बनय के बारे मे समझ बनय.

असल मे पाई कमैनाय सेहो एकटा कला अछि. एहि के लेल छोट-छोट बात पैघ महत्व राखैत अछि.बस ओहि के लेल अहां के कनि अपन नजरिया बदलय पड़त.

एहि किताब मे बताएल गेल अछि जे बस कमाय के बारे मे अहां अपन सोच...नजरिया बदलिऔं...दोसरा के लेल काज करि अहां कहिओ अमीर नहि बनि पाएब...अपना लेल जखन धरि काज नहि करब...अमीर नहि बनि पाएब.

गाम-घर मे कहल जाएत अछि जे ई तं चौबीसों घंटा पैसा-पैसा करैत रहैत अछि. हमेशा पाइए के बारे मे गप करैत अछि. ककरो पास पाई अछि तं ओ गलत तरीका सं कमौने होएत. पाई दस तरहक बुराई के जड़ि अछि. पाई रहला पर आदमी दस तरहक गलत संगति मे पड़ि जाएत अछि.... बेईमान... कंजूसी करला सं लोक धनी बनैत अछि. संतोष बड़का चीज अछि.

मुदा अहां के ई सोचय पड़त जे बिना पाई के कोनो काज नहि होएत अछि. बच्चा सभ के समझाबय पड़त ते सभ सं पैघ चीज पाई अछि. बटुआ भरल रहला पर सभ सलाम करैत अछि. एहि लेल पाई के बारे मे गप करनाय गलत नहि अछि. एहि के लेल किछ रिस्क सेहो लेबय पड़ि सकैत अछि.

गरीब लोक के कहनाय छनि जे बेसि पाई लोक के गलत काज करय लेल प्रेरित करैत अछि मुदा अमीर लोक के कहनाय छनि जे पाई नहि रहला पर लोक गलत काज करैत अछि.

एहि के लेल अहां सही लोक से संग रहुं... अमीर लोक के संगत मे रहुं... अमीर जे मैगजीन..अखबार पढ़ैत अछि ओ पढ़ुं. अकाउंट...टैक्स सं केना फायदा उठायल जाए ई जानय के कोशिश करु.

नौकरी आओर छोट-मोट धंधा सं उठि बिग बिजनेसमैन...अमीर बनय के दिशा मे बढ़ुं. किएक तं दुनिया मे ई आओर एस कटेगरी के लोक के आबादी 90 प्रतिशत छनि आओर हुनका पास मात्र दुनिया के दस प्रतिशत पाई छनि. जखन कि बी आओर आई कटेगरी वाला के आबादी मात्र दस प्रतिशत अछि आओर हिनका पास दुनिया के धन के...पाई के 90 प्रतिशत हिस्सा छनि. आब अहां खुद विचार करिऔ जे अहां कोन मे रहय चाहय छी.

अगर बी...आई मे आबय चाहय छी तं किताब पढुं आओर अपन कटेगरी बदलय के दिशा मे आगां बढुं.

हमर शुभकामना अहांस संग अछि. अपन विचार सेहो लिखब.

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