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सरकार आखिर नाम किएक नहि बता रहल अछि?

विदेशी बैंक मे काला धन जमा करय वाला के लिस्ट... नाम नहि जारी करय पर सुप्रीम कोर्ट एक बेर फेर केंद्र सरकार के फटकारलक अछि. सुप्रीम कोर्ट के कहनाय छल जे देश के लूटल जा रहल अछि आओर सरकार सुतल अछि.

सुप्रीम कोर्ट के इहो कहनाय छल जे ई सरासर टैक्स चोरी सं जुड़ल मामला अछि...मुदा सरकार काज करय के जगह सिर्फ बात... आओर बहाना बना रहल अछि. आखिर सरकार खबर... जानकारी पर लगाम किएक
लगौने अछि?

केंद्र के कहनाय अछि जे ओ कालाधन के वापस लाबय लेल सभ जरूरी काज करि रहल अछि...आओर जरूरी जानकारी कोर्ट के द रहल अछि. जखन कि सुप्रीम कोर्ट के कहनाय अछि जे सरकार किछिए जानकारी किएक द रहल अछि?

खबर त एहनो अछि जे जर्मनी सं विदेशी बैंक मे 50 भारतीय नागरिकक एकाउंट के जानकारी केंद्र सरकार के देल गेल छल... मुदा सरकार कोर्ट मे 26टा लोक के नाम जमा करौलक. बाकी के नाम पर दस तरहक चर्चा भ रहल अछि.

विदेश मे भारतीय नागरिक के काला धन के मामला तखन जोर पकड़लक जखन विकीलीक्स के स्विस बैंक मे खाता खोलय वाला के सूची सौंपल गेल. कहल जा रहल अछि जे एहि लिस्ट मे कइटा भारतीय के नाम शामिल अछि.

विकीलीक्स केर संस्थापक जूलियन असांज के स्विस बैंक मे खाताधारी दू हजार लोकक सूची रुडोल्फ एलमर नाम के आदमी सौंपलक. आब विकीलीक्स एहि के सत्यता जांचला के बाद लिस्ट जारी करत.

एहि मामला पर विपक्षी पार्टी सभ सरकार पर हमला शुरू करि देने अछि मुदा केंद्रक यूपीए सरकार एकदम मे कान मे रूई डालि क सुतल अछि. सुप्रीम कोर्टक आजुक फटकार के बाद विपक्षी हमला आओर तेज होएत.

मुदा सवाल ई उठौत अछि जे आखिर सरकार नाम खोलय सं किएक बचय चाहैत अछि? देश के लाखो करोड़ रुपया कालाधन के रूप मे विदेश मे पड़ल अछि. देश के राजस्व के नुकसान भेल अछि.

आब एतेक रुपया त कोनो आम लोक नहि जमा करौने होएत? ई कोनो छोट-मोट सरकारी बाबू... कर्मचारी तं नहि जमा करौने होएत? छोट-मोट व्यापारी तं नहि ल गेल होएत करोड़ों रुपया?

विदेश मे करोड़ों रुपया त वेह लोक जमा करा सकैत अछि जकरा पास दू नंबर के अरबों रुपया होएत. आ फेर पैघ उद्योगपति होएत... बड़ पैघ अफसर होएत... बड़का राजनेता होएत... आ फेर प्रभावशाली मंत्री होएत.

एहनो भ सकैत अछि जे अंडरवर्ल्ड के पाई सेहो जमा होए. अपराधी गैंग... आंतकवादी गुट... स्मगलर... कालाबाजारी... अवैध वसूली करय वाला... हवाला के कारोबार करय वाला के पाई जमा होए.

कहल त इहो जा रहल अछि जे देश मे होए वाला बड़का-बड़का घोटाला के पाई स्विस बैंक आओर जर्मनी मे लिंचेस्टाइन केर एलजीटी बैंक जैसन बैक मे जमा अछि. एहन भsओ सकैत अछि.

देश मे जेहि हिसाब सं घोटाला भ रहल अछि... हर साल नवका-नवका घोटाला उजागर भ रहल अछि. दलाली भ रहल अछि. ओहि सं किछिओ संभव अछि. आओर एहि तरह हल्ला बीच-बीच मे उठिते रहैत अछि.

मगर सरकार कालाधन... कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करय मे ओतेक कायर किएक भ जाएत अछि? राहुल गांधी सेहो किछ नहि बोलि रहल छथिन्ह. सरकार के जल्दीए अपन सख्ती दिखएबाक चाही.

नहि त एहन नहि होए जे लोक सरकार के बारे मे किछ-किछ सोचय लेल मजबूर भ जाए. लोक सोचय लागत कि आखिर सरकार के कोन हित जुड़ल अछि जे अनठिओने अछि?

देश के स्वच्छ छवि वाला प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जीके लोक के ई भरोस देबय पड़तन्हि जे सरकार कि करि रहल अछि. सरकार पर लोक के भरोस नहि टूटबाक चाही. ई सबसं जरूरी अछि.
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