नवका- पुरनका लेख सर्च करु...

मिथिला-मैथिली सं जुडु... हेलो मिथिला लेल लिखु...

हेलो मिथिला...मिथिलाक गप मैथिली मे. हेलो मिथिला अहांक लेल एहन मंच अछि जतय अहां सभ अपन गाम- घर...टोला-मोहल्ला... इलाका के दुख-दर्द के राखि सकय छी. अपन साहित्य... संस्कृति... विकास... उपलब्धि सं लोक के अवगत करा सकय छी. एक दोसरा के हालचाल ल सकय छी.

हेलो मिथिला सं अखन 20 लोक जुड़ल छथिन्ह. मुदा ओ मास दू मास पर कहिओ एक दूटा लेख लिखय छथिन्ह. एहन नहि छनि जे ओ लिख नहि सकय छथिन्ह मुदा मैथिली मे लिखय सं संकोच करय छथिन्ह. हम चाहय छी जे अहां सभ सेहो सक्रिय रूप सं हेलो मिथिला सं जुड़ि आओर बिना कोनो दिन छोड़ने.... बिना नागा कएने रोज दू -चारिटा लेख... कविता-कहानी आ अपना दिसक समाचार-खबर लिखैत रहुं.

लोक सभ के सेहो अहांक गाम-घर के बारे मे जानय लेल मिलतन्हि. जे लोक गाम-घर सं दूर रहय छथिन्ह हुनका सेहो गाम-घर के समाचार पढ़य लेल मिलतन्हि. हेलो मिथिलाक माध्यम सं गाम-घर के खोज- खबर लैत रहथिन्ह. त सिर्फ कमेंट करनाए नहि... आब लिखनाए सेहो शुरू करु. अहां लेख- समाचार के संग फोटो सेहो भेज सकय छी.

अहां अपन नाम... गाम... परिचय... फोटो... फेसबुक... एहि सभ के सेहो जानकारी द सकय छी. बस एहि बात के ध्यान राखब जे लेख मे कोनो लोक खास पर... ककरो पर व्यक्तिगत आरोप नहि होए. आपसी लड़ाई-झगड़ा के एहि ठाम नहि उठाएल जाए. लोक हित वाला खबर के प्रमुखता देल जाए. नीक-नीक खबर बेसि होए. खराब खबर देखि लोक के मन खराब नहि होए.

फेर हेलो मिथिला अहां हमरा...सभ के मिलय-जुलय के मंच अछि ...ककरो तोड़य के मंच नहि. त देर नहि करु हेलो मिथिलाक लेल लिखनाए शुरू करु. अपना भाषा मे लिखु. मिथिलाक बारे मे लिखु... मैथिली मे लिखु. अगर मिथिला सं बाहर मैथिलीक... मिथिला सं जुड़ल किछ होएत अछि त ओकरा बारे मे लिखु. अहांक लेख... खबर के इंतजार मे. देर नहि क मन मे जे अछि ओकरा लिखि कs हमरा hellomithilaa@gmail.com पर भेज दिअ.

Share/Save/Bookmark 
हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com

No comments:

Post a Comment

अहांक विचार/सुझाव...