नवका- पुरनका लेख सर्च करु...

वर्तिका नंदा केर टेलीविजन एण्ड क्राइम रिपोर्टिंग

वर्तिका नंदा केर नवका किताब टेलीविजन एण्ड क्राइम रिपोर्टिंग के विमोचन पिछला दिन भेल. जेहि दिन विमोचन छल ओहि दिन अयोध्या मामला पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसला सेहो आबय के छल. ओहि कारण सं विमोचन कार्यक्रम मे नहि जा सकलौं.

मुदा आब जखन वर्तिका नंदा के एहि किताब के पढ़य के मौका मिलल त लिखय लेल बैसि गेलहुं. वर्तिका जी एहि सं पहिने 'अपराध मीडिया और अपराध रिपोर्टिंग' 'टेलीविजन और अपराध पत्रकारिता' और 'मीडिया और जन संवाद' किताब लिख चुकल छथीह.

वर्तिका बड़ नीक लिखय छथीह. लेखनी पर हिनकर पकड़ गजब के छनि. हिनकर लेखनी मे अहां के गजब के प्रवाह देखय लेल मिलत. कोनो विषय पर अहां हिनका सं विचार ल सकय छी. वर्तिका जी आओर हम आईआईएमसी मे संगे छलहुं. एहि के बाद एनडीटीवी आओर सहारा समय न्यूज़ चैनल मे सेहो संगे काज कएलहुं.

वर्तिका जी न्यूज मे सेहो काज क चुकल छथीह आओर लोकसभा चैनल के शुरुआत करय वाला मे से छथीह. देश के तमाम पत्र-पत्रिका मे हिनकर लेख छपैत रहय छनि. आब ई जे नवका किताब आएल त पढ़य के मौका मिलल. ई किताब रिपोर्टिंग के क्षेत्र मे आबय वाला नवका पत्रकार सभ के लेल बड़ नीक छनि.
वर्तिका चूंकि खुद जी न्यूज आओर एनडीटीवी मे क्राइम रिपोर्टिंग क चुकल छथीह ओहि लेल क्राइम रिपोर्टर के फील्ड मे आबय वाला परेशानी सं अवगत छथीह. ई किताब अनुभव के आधार पर लिखल गेल अछि. पत्रकारिता के छात्र के लेल ई काजक किताब अछि.

एहि किताब के सभसं पैघ बात ई अछि जे नवका पत्रकार के नहि लगतन्हि जे ओ थ्योरी पढ़ि रहल छथिन्ह. एकदम सं प्रैक्टिकल जका सभ अछि. ई एहि लेल संभव भ पाएल अछि किएक त वर्तिका जी लेडी श्रीराम कॉलेज मे पत्रकारिता विभाग के हेड सेहो छथिन्ह. एहि किताब मे हिनकर अध्यापन आओर न्यूज चैनल के काज के नीक तालमेल देखय लेल मिलत.
किताब मे क्राइम रिपोर्टिंग मे काज आबय वाला छोट-छोट बात के ध्यान राखल गेल अछि. हम त किताब पहिले दिन पूरा खत्म करि देलहुं. जेहिआ एहि किताब के विमोचन रहय ओहि दिन कार्यक्रम मे साहित्य अकादमी के अध्यक्ष प्रो. अशोक चक्रधर... पीपली लाइव फिल्म के लेखक-निर्देशक अनूशा रिजवी आओर महमूद फारूकी सेहो गेल छलखिन्ह.

वर्तिका जीक ई किताब राजकमल प्रकाशन सं आएल अछि. वर्तिका जीके हमर शुभकामना अछि जे ओ एहिना खुब किताब लिखैत रहतीह... प्रगति करैत रहतीह.
Share/Save/Bookmark 
हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अहां अपन विचार/सुझाव एहिठाम लिखु