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पाला बदलनाए शुरू...

बिहार मे चुनावक दिन जेना-जेना लग आएल जा रहल अछि...नेता सभक पाला बदलए के क्रम तेज भेल जा रहल अछि. ओना त चुनाव सं पहिने नेता सभ के पार्टी बदलनाए कोनो नव गप नहि अछि. मुदा एहि बेर ई किछ बेसिए भ रहल अछि. भोर मे सुनब जे फलां ओहि पार्टी मे शामिल भेलाह त सांझ मे फलां ओहि पार्टी मे. एहि मे पैघ नेताजी सभ सेहो शामिल छथिन्ह.

ई हाल कोनो एकटा पार्टी के नहि अछि. सभ पार्टी मे नेताजी के आबए-जाए के सिलसिला लागल अछि. बीजेपी होए...जेडीयू होए... कांग्रेस होए आ एलजेपी. नेताजी एम्हर -ओम्हर होए मे लागल छथिन्ह. सभ टिकट के खेल अछि. जिनका लागए छनि एहि पार्टी मे टिकट नहि मिलत ओ झट द दोसर पार्टी के दामन थामि लए छथिन्ह.

किछ नेताजी के सिर्फ अपने चिंता नहि छनि. ओ अपन कार्यकर्ता सभ के सेहो ध्यान राखय छथिन्ह. हुनका जखन ई लगय छनि जे पार्टी मे हुनकर बताएल गेल कार्यकर्ता सभ के टिकट नहि मिलय के गुंजाइश अछि त ओ अपन सभ कार्यकर्ता के संग दोसर पार्टी मे शामिल भ जा रहल छथिन्ह. दोसर पार्टी मे हुनका सभ के दिल खोलि क स्वागत भ रहल छनि.

एहि सं जतय एक पार्टी के झटला लगैत अछि दोसर मे खुशी के माहौल होएत अछि जे हम हुनकर एतेक पैघ नेता के... एतेक कार्यकर्ता को तोड़ि लेलहुं. मुदा एहि सं पार्टी मे किछ असंतोष सेहो उमड़ैत अछि. पार्टी के किछ नेता चुनाव के समय दोसर पार्टी के नेता सभ के आबय सं खिसिआ सेहो जाए छथिन्ह... किएक त हुनका अएला स पार्टी के पुरान कार्यकर्ता के टिकट कटि जाए छनि.

पार्टी के कट्टर कार्यकर्ता...पार्टी के मूल कार्यकर्ता सभ दिन सं पार्टी के लेल दिन-राति एक कएने रहय छथिन्ह...एहि इंतजार मे कि चुनाव अएला पर टिकट मिलत. मुदा ऐन चुनाव के टाइम मे पार्टी के विरोधी नेता पार्टी मे शामिल भ जाएत अछि आओर पुरान... असल कार्यकर्ता के टिकट कटि जाए छनि. एहि सं किछ नाराजगी सेहो बढ़ैत अछि.

पिछला दिन लालू प्रसाद यादव जी के छोटका साला सुभाष यादव सेहो साधु यादव जकां काग्रेस मे शामिल भ गेलखिन्ह. एहि सं पहिने आरजेडी के अखिलेश प्रसाद सिंह सेहो कांग्रेस मे चलि गेल छलखिन्ह. जखन कि तस्लीमुद्दीन जेडीयू मे शामिल भ गेलाह. ओम्हर जेडीयू के प्रभुनाथ सिंह लालू जीके संग भ गेलाह. नागमणि जी अपन पत्नी के संग जेडीयू सं कांग्रेस मे चलि गेलाह.

नीतीश जीक दाहिना हाथ मानल जाए वाला राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लन सिंह ओना पार्टी नहि छोड़लखिन्ह मुदा नीतीश जीक खिलाफ अभियान चलौने छथिन्ह. हिनके जकां नीतीश जीक पूर्व आबकारी मंत्री सेहो खिलाफ जा चुकल छथिन्ह. सभ अपन सुविधा के ध्यान राखि पार्टी के चुनाव करि रहल छथिन्ह आ पाला बदलि रहल छथिन्ह.

पाला बदलय के एहि क्रम मे टिकट तय भ गेलाह के बाद आओर तेजी आबि सकैत अछि. जे नेता टिकट के आस लगौने छथिन्ह आओर हुनका अगर टिकट नहि मिलय छनि त ओ टिकट लेल दोसर पार्टी मे जा सकय छथिन्ह आ फेर स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप मे पर्चा भरि पार्टी के नुकसान पहुंचा सकय छथिन्ह... झटका द सकय छथिन्ह.

पार्टी बदलय के एहि खेल मे सभ सं बेसि नेता कांग्रेस के तरफ जा रहल छथिन्ह. किए त कांग्रेस एहि सं पहिने लालू राज के समय सं तालमेल सं लड़ैत छल. किछ सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार ठाड़ होएत छल. एहि सं कांग्रेस के अपन कैडर बिखरल अछि. एहन मे दोसर पार्टी के कनिओ पैघ नेता पार्टी मे शामिल भ जाए छथिन्ह त हुनकर टिकट के चांस बढ़ि जाए छनि.
जे होए जेना-जेना टिकट के मामला फरछिआएल जाएत. झंडा बदलय के खेल जारी रहत. किनको फायदा होएतन्हि त किनको नुकसान. किएक त ओ सभ दिन सं पार्टी के लेल एकटा वोटबैंक... कैडर तैयार कएने रहय छथिन्ह... एहन मे ऐन टाइन पर पाला बदलय सं वोटर हुनका केना लए छथिन्ह ई त वोट पड़ला के बादहि पता चलत. तखन धरि खेल देखैत रहुं.
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