नवका- पुरनका लेख सर्च करु...

तखन के संग देत नक्सली के?


बिहार मे आई-काल्हि चारु कात नक्सल मामला छाएल अछि. कोनो चाय-पान दोकान...दलान...चौबटिया एहन नहि अछि जतय एहि पर चर्चा नहि भs रहल होए. सभ ठाम लोक के जुबान पर नक्सली चढ़ल अछि. मुदा एहि बेरक चर्चा मे लोक नक्सली के पक्ष नहि लs रहल छथिन्ह. पहिने दू चारि आदमी नक्सली के पक्ष मे ठाड़ होए छलखिन्ह...आब स्थिति उलैटि रहल अछि.

पिछला दिन लखीसराय मे पुलिस वाला के अपहरण फेर एकटा पुलिस के हत्या के बाद नक्सली आम लोक के सहानुभूति खो रहल छथिन्ह. लोक सभ के कहनाए छनि जे नक्सली मानवाधिकार के सेहो कोनो परवाह नहि करि रहल अछि. नक्सली ओ काज करय लागल अछि जे आतंकवादी करैत अछि. पुलिस वाला के परिवार सभ बेर-बेर आग्रह करैत रहल...सभ टीवी पर... पेपर मे पूरा परिवार के कनैत चेहरा दिखैत रहल मुदा नक्सली के पाथर दिल नहि पिघलल.

सभसं पैघ गप ई अछि जे ई बिहार मे भs रहल अछि... जतए के सरकार नक्सली के प्रति ओतेक कठोर...सख्त रुख नहि अपनौने अछि जतेक कि दोसर राज्य सभ. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहिनहुं केंद्र के संग बैसार मे नक्सली समस्या पर मानवीय रूप सं विचार करय के आग्रह करि चुकल छथिन्ह. ओ नक्सली दमन के विरोध करि हुनकर सभक मांग पर विचार करय के बात करय छथिन्ह.

बिहार सरकार सदिखन कहैत रहल जे हम बातचीत के खिलाफ नहि छी...बातचीत सं सभ मामला के सुलझाएल जा सकैत अछि. मुदा ओकरा लेल पहिने दूनु पक्ष के बैसार करय पड़त. मुदा किछ लोक के कहनाए छनि जे नक्सली के लगैत अछि कि वसूली...रंगदारी सं जे कमाई अछि ओ हाथ सं निकलि नहि जाएत एहि सं ओ एकर समाधान नहि चाहैत अछि. अगर ऐना नहि अछि त फेर नक्सली के विकास के रास्ता अपनाबय लेल बातचीत सं परहेज नहि करबाक चाही.

इहो बात ध्यान मे राखय वाला अछि जे नीतीश जी अखन धरि कोनो खास अभियान नक्सली के खिलाफ नहि चलौलखिन्ह. हुनकर माननाए छनि कि अगर विकास के बात पर... पक्षपात के बात पर... भेदभाव के बात पर लोक हथियार उठौने छथिन्ह त हुनकर मांग पर सरकार गंभीरता सं विचार करैत... हुनकर सभक परेशानी दूर करय के कोशिश करत.

नक्सली कहैत अछि कि ओ आम लोक... पिछड़ल लोक... सताएल लोक के बात उठाबैत अछि. तखन लुकस टेटे जे पुलिस मारल गेल ओ सेहो आम लोक छल... हुनकर परिवार सेहो आम सं बेसि नहि छनि. ओ अपन-अपन परिवार के रोजी-रोटी के लेल पुलिस मे भर्ती भेल छलखिन्ह. मुदा अहां पूरा परिवार के तड़पैत छोड़ि देलहुं.

लोक सभ के साफ कहनाए छनि जे नक्सली के काज करय के तरीका सही नही अछि. ओ जतेक लोक...सरकारी कर्मचारी के अपन निशाना बनाबए छथिन्ह ओहि मे बेसि आम लोक रहैत अछि. अहां अपन इलाका के स्कूल...पंचायत भवन...ऑफिस के उड़ा दैत छी.. एकर नुकसान ककरा उठाबय पड़ैत अछि? आम लोक के... बड़का लोक के बच्चा तं पब्लिक स्कूल मे चलि जाएत पढ़य लेल...आम लोक के बच्चा सं सरकारी स्कूले टा मे न जाएत?

लोक सभ के तं इहो कहनाए छनि जे नक्सली राजनीतिक दल के हाथ के खिलौना बनल अछि. चुनाव के समय एकर गतिविधि बढ़ि जाएत अछि. एकर उदाहरण अहां बंगाल मे भेल स्थानीय चुनाव के समय सेहो देख सकैत छी. आओर अखन बिहार मे चुनाव होए वाला अछि. नक्सली अपन हाथ-पैर फड़फड़ाबैय लगलाह. मुदा हुनकर हरकत के नुकसान आम लोक बेसि बनैत अछि.

अगर एहिसभ के पाछां राजनीतिक कारण होए.. तं.ओहि सं सेहो इनकार नहि कएल जा सकैत अछि. किएक तं एकर नामे मे पार्टी जुड़ल अछि... भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी). आओर फेर चुनाव सं पहिने दोसर आओर पार्टी सभ के सहयोग शह मिलि रहल होए त कोनो अचरज के बात नहि. आखिर बिहार मे बड़ दिन के बाद कानून-व्यवस्था के माहौल बनल अछि. विकास के बात होए लागल अछि.

एहन मे अगिला बिहार चुनाव अगर विकास...नीक माहौल के नाम पर होएत अछि तं नीतीश कुमार के जीतए सं कोई नहि रोकि सकैत अछि. त कि ई दोसर पार्टी सभ के चाल अछि? चुनाव सं पहिने नीतीश जीक खेल खराब करय के? कि नक्सली राजनीतिक दल के हाथ के कठपुतली बनि सभ किछ करि रहल अछि? कि नीतीश जी के ध्यान विकास पर हटाबय मे किछ लोक लागल छथिन्ह? कि ई नीतीश जी के हराबय के चाल अछि?

अगर एहन बात अछि तं नीतीश जीके संभलि के चलय के जरूरत छनि. नक्सली के लेल सेहो ई साख के सवाल अछि. ओकर नीति के सवाल अछि. आम लोक अगर हुनका सं कटि गेलाह त फेर किनका लsक ओ अपन लड़ाई लड़ताह? आखिर ओ आम लोकहिं के बल पर तं एतेक उछलए छथिन्ह. तं नक्सली सभ के ओ कदम उठाबए सं बचबाक चाही जेहि सं आम लोक के सहानुभूति खत्म होए. हुनका सभ के तुरंत बंधक के छोड़ि बातचीत के रास्ता अपनाबए के चाही.अहांक कि विचार अछि?
Share/Save/Bookmark
हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अहां अपन विचार/सुझाव एहिठाम लिखु