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मनमोहन आओर कासमी जी के साहित्य अकादमी पुरस्कार


एहि साल के साहित्य अकादमी पुरस्कार के घोषणा करि देल गेल अछि. ई साल जाएत-जाएत अपना सभ के लेल नवका साल के लेल विशेष खुशी द गेल. एहि बेर के साहित्य अकादमी पुरस्कार के लेल मैथिली भाषा सं स्व. मनमोहन झा आओर उर्दू सं प्रो. अबुल कलाम कासमी जीक चयन कएल गेलन्हि. मैथिल सभ के लेल एहि सं बेसि गर्व के गप आओर कि होतन्हि जे एहि बेर दू –दू टा सम्मान मिथिला मे आबि रहल अछि.
स्व. मनमोहन झा जी के ई पुरस्कार हुनकर कथा संग्रह ‘गंगा-पुत्र’ के लेल देल जएतन्हि. स्व, मनमोहन झा जीक जन्म मधुबनी जिलाक सरिसबपाही मे 1918 मे भेल छलन्हि आओर हुनकर निधन एहि साल 5 मई के भेलन्हि. हिनकर किताब मे अश्रुकण... वीर भोग्या... मिथिलाक निशापुर मे... गंगा-पुत्र आओर कथा यात्रा शामिल अछि. एकरे संग आनन्द मन्दाकिनी... संचियता आओर स्मारिका के संपादन सेहो कएने छथिन्ह.
प्रो. अबुल कलाम कासमी जी हमर ब्लॉक केवटी... दरभंगा के छथिन्ह आओर हुनकर उर्दू किताब ‘मआतिर तनकीदी रवैए’ के लेल ई सम्मान देल जएतन्हि. कासमी जी अखन अलीगढ़ विश्वविद्यालय मे मानविकी विभाग के एचओडी छथिन्ह. हिनकर किताब मे शायरी की तनकीद... आजादी के बाद... नावेल का फन... नजरियाती तनकीद आओर मशरकी शेरियत शामिल अछि. हिनका सं पहिने ओना दरभंगा सं एकटा आओर साहित्यकार मजहर इमाम के हुनकर शायरी के लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार मिल चुकल छनि. सभ साहित्यकार के अगिला साल 16 फऱवरी के दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम मे सम्मानित कएल जएतन्हि.



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