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चीनी मिल के दिन फिरत...

मधुबनी जिला के सकरी आओर दरभंगा जिला के रैयाम चीनी मिल चालू भs सकैत अछि. बिहार सरकार एकरा फेर सं चालू करय लेल प्राइवेट... निजी हाथ मे सौंपय चाहैत अछि. एक बेर पहिनहुं खबर आएल रहय जे रैयाम चीनी मिल निजी हाथ मे सौंप देल गेल अछि. ओना सरकार एहि बेर बिहार के तीन टा चीनी मिल के निजी क्षेत्र के देबय के फैसला कएलक अछि. तेसर अछि गया जिला के गुरारु चीनी मिल. एकरो निजी हाथ मे द देल जाएत आओर एहि ठाम एकटा राइस मिल सेहो खोलल जाएत.
इलाका के विकास के लेल चीनी मिल के चालू होनाए एकदम जरूरी अछि. बिहार मे जतय उद्योग-धंधा नाम के लेल अछि... ओतय एहि चीनी मिल के फेर सं चालू भेलाह सं सैकड़ों लोक के रोजगार मिलत. हमरा याद अछि जे पंद्रह... बीस साल पहिने जखन रैयाम मिल चालू छल आसपास के इलाका के किसान सभ के स्थिति बेहतर छलन्हि. रैयाम के आसपास के इलाका सम्पन्न मानल जाएत छल,.. कहल जाएत छल जे रैयाम...बलिया... छतबन एहि गाम मे सभ घर पक्का अछि... कुसियार के खेती सं होए वाला कमाय के कारण.
पहिने हमरा गाम मे सेहो कुसियारक खेती खूब होएत छल... दादाजी ओर चाचाजी सभ जखन ट्रेक्टर सं कुसियार ल कs रैयाम जाए छलखिन्ह क कई बेर संगे-संग हमहुं जाए छलहुं. बचपन मे बड़ मन लगैत छल एम्हर –ओम्हर जाए मे... घुमय मे. केवटी सं... समैला... पचाढ़ी फेर रैयाम. रैयाम मे बनल क्वार्टर... मिल सं सटल हाई स्कूल... सामने बाजार जनाय नीक लगैत छल. रैयाम चीनी मिल के कारण दरभंगा... मधुबनी के आसपास के 10-15 किलोमीटर के गाम के किसान सभ के जीवन स्तर नीक भ गेल छलन्हि. मुदा एहन नजर लागल जे सभ भट्ठा बैसि गेल. बाद मे त सुनय के आएल जे लोक सभ एकर एक-एकटा मशीन के कबाड़ के भाव मे बेच देलखिन्ह. एक-एकटा नट... वोल्ट सभ पांच-पांच... दस-दस किलो के रहैत छल. कतेक बेच देलक कतेक मे जंग लागि गेल.
एकर बंद होए के कारण किछ सरकारी त किछ एहि मे काज करय वाला लोक सभ सेहो छथिन्ह. काज करलौं... नहि करलौं... आबैत छी... जाए छी... वजन किछ... भुगतान किछ... घोटाला... गड़बड़ी सभ किछ मिलि क नहि... बूंदे-बूंद नहि तालाब भरय छई आओर खाली होएत अछि. लोक के मानसिकता सेहो अजीब होएत अछि जखन काज नहि रहत त कहताह जे कोनो देखिऔ न... बस खाए जोकर पाई मिलि जाए हम संतोष क लेब... मुदा जखन पैर धरय दिऔ त पूरा पसैरि जएताह... एकदम सं लाट साहैब जकां. फेर हिनका सं किछ नहि करा सकय छी... लगि जएताह राजनीति मे... पान-तम्बाकू खाए मे... बिहार के पिछड़य मे एक कारण एकरो बुझि सकय छी.
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3 comments:

  1. श्री हितेन्द्र जी,
    अहांक ब्लॉग पढ़लहुं.अहाँक कार्य सराहनीय अछि.हेल्लो मिथिला के लेल सेहो धन्यवाद आ बधाई.
    धन्यवाद
    -कुसुम ठाकुर-

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  2. hitendra bhai ji pranan,
    apnek samachar chini mill ke bare me padhlahu e khabar padhi ka bahut khus bhelahu, mithila ke bikask lel sarkar ekta nik kadam achhi, apnek sab lekh,samachar sab sarahniya achhi hamra taraf sa samast hellow mithila pariwar ke hardik subhkamna

    WAKIL ROY
    +91-9958532621

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  3. श्रीमान हितेंद्र जी,
    साधुबाद.
    रैयाम्क चीनी मिल के बारे में अहांक लेख सराहनिए थिक मुदा किछु बात हमहूँ कहं चाहीत छी.

    * रैयाम के आस-पासक गाम जेना समैला,पचाढ़ी,नव-गावं,औंसी,बसौली,बनबारी,केवटी,बलिया,छतबन आदि गाम में किसान सबहक बेहतर स्थिति जे ऐछ ओकरा लेल कहियो चीनी मिल सहयोगी नहीं भेल.हाँ किछु आ कहियो काल एहेन भेल होए त दोसर बात अछी.रैयाम सं पश्चिम जे गाम सब थिक ओही गाम बाध में मूल रुपें तरकारिक खेती होएत आबि रहल अछी जे हुनक समृधि के मूल कारन थिक.
    * किछु गामक समृधि में विदेशक धनक हाथ अछी त किछु गामक लेल अगहनी /रब्बी. कुसियार त किन्नो नें.
    * जखन कि मिल चालित छल तहियो किसान सबकं कुसियार मिलक आगू में सुखिएत रहित छल आ जे मिलक अन्दर चली जायेत छल तकर पाई बहार आबए तक २ बेर कुसियारक खेती भ जाईत छल.
    * हाँ ई त मान परत कि मिल होमें स छेत्रक विकास होएत,लोग सबके रोजगार भेटत आ छेत्रक विकाश में सहयोगी होएत.
    * एकटा बात औरो कि लोग सब कर्तब्य हीन,आलसी ,राजनीतिबाज आ भ्रष्ट छैथ(किछु लोग ७५%) जे विकाश में सबसँ पैघ बाधाक कारन बुझना जाईत अछी. (एही मुद्दा पर फेर कहियो बात होएत.) एकरा त ओतेये के लोग सब हल क सकित अछी.
    * अंत में हमर अभिलासा अछी जे ई चीनी मिल जल्द सं जल्द पुनः खुली आ छेत्रक विकास में सहयोगी बनी.

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