नवका- पुरनका लेख सर्च करु...

कि इहे सभागाछी अछि ?


मधुबनी के पास सौराठ मे आई काल्हि सौराठ सभा चलि रहल अछि. लोक सभ एहि सभा के सभागाछी के नाम सं जानैत छथिन्ह. पहिने अगर अहां भूलल-भटकलों मधुबनी आ रहिका चलि जएतहुं त पता चलि जाएत जे लगनक टाइम आबि गेल अछि... आओर सभागाछी मे सभावास चलि रहल अछि. बस स्टैंड... रेलवे स्टेशन... रिक्शा... टेम्पो पर... चारुकात कतहुं देखु... लाल-लाल धोती... चमकैत रेशमी आ मलमल के कुर्ता... ललका पाग... मुंह मे पान... हाथ मे बेंत संग कथा-वार्ताक गप मे लीन लोक मिलि जाएत छलाह. गपक विषय बस एकेटा... फलां बाबू के एतेक मे तय भेलन्हि त फलां बाबू के ओतेक मे. फलां बाबू किछ ओर धीरज रखतथिन्ह त आओर कम मे कथा तय भ जएतन्हि. ओ त धरफरा गेलाह. फलां बाबू ठका गेलाह. हुनका अपन बात पर अड़ल रहबाक चाही छलन्हि. नहि जाने कि कि...
पहिने जे बात के पता पांच-सात किलोमीटर दूरहिं सं चलि जाएत छल. आई अहां सौराठ गाम सं घुमिओ कs चलि आएब त पता नहि चलत जे आई-काल्हि सभावास चलि रहल अछि. पहिने गाजा-बाजा के संग उद्घाटन होएत छल. बिरादरी के पैघ-पैघ लोक जुटए छलखिन्ह. नेता... मंत्री सभ आबैत छलाह. आब खोजलों सं नहि मिलताह. पहिने जे कथा बिना सभागाछी के शास्त्रार्थ के पूरा नहि होएत छल. आब घरकथा सं भs जाएत अछि. आई के आधुनिक संचार... सूचना युग मे किनको सं ई बात छिपल नहि रहय छनि जे किनकर बालक कतय काज कs रहल छथिन्ह. आओर फेर कन्या के विआह योग्य होएतहिं गाम-गाम मे वरतुहार खेरा देल जाएत अछि. पता चलतहिं दस ठाम सं दबाव बना देल जाएत अछि कथा के लेल.
किछ दिन के बाद अगर लोक सभ के सभागाछी के बारे मे सिर्फ किताबे टा मे पढ़य लेल मिलय त एहि मे कोनो अचरज नहि. पंजीकार सभ सेहो एहि सं निराश छथिन्ह. हुनका सभ के कहनाय छनि जे मिथिलाक एकटा गौरवशाली परम्परा खत्म भs रहल अछि. लोक सभ सिर्फ पंजी कराबय लेल एतय आबय छथि. एकटा कारण इहो कहि सकय छी जे दहेज प्रथा के खिलाफ चलय वाला अभियान के कारण सेहो लोक एहि सं दूर रहय चाहय छथिन्ह. एहि बेर 24 तारीख के शुरू भेल सभागाछी 2 जुलाई तक चलत. आब देखु आगां कि हाल रहैत अछि. ओना त एम्हर सं गुजरय वाला लोक सभ के मुंह सं एतबा सुनल जाएत अछि कि यौ इहो इहे सभागाछी अछि ?
सभा गाछी


9 comments:

  1. बहुत बढ़िया। आजकल लोगों के पास समय भी नहीं है ।

    रजनी झा

    ReplyDelete
  2. अहां सं अपन गाम-घर के समाचार मिलैत रहैत अछि । हमर दोस्त सभ सेहो अहां के बधाई दैत रहय छैथि।

    अखिलेश झा, दिल्ली

    ReplyDelete
  3. अहां सं अपन गाम-घर के समाचार मिलैत रहैत अछि । हमर दोस्त सभ सेहो अहां के बधाई दैत रहय छैथि।

    अखिलेश झा, दिल्ली

    ReplyDelete
  4. अहां सं अपन गाम-घर के समाचार मिलैत रहैत अछि । हमर दोस्त सभ सेहो अहां के बधाई दैत रहय छैथि।

    अखिलेश झा, दिल्ली

    ReplyDelete
  5. अहां सभ के बहुत-बहुत धन्यवाद. एहिना उत्साह बढ़ाबैत रहिऔ.

    ReplyDelete
  6. श्री हितेन्द्र जी,
    नमस्कार। "हेलो मिथिला" देखय मे एकटा समस्या आबि रहल अछि। एहि मे एतेक ने बाहरी लिंक आ विजेट (widget) सभ जोडि देने छियैक जे पेज खुलय मे बड्ड दिक्कत करैत अछि। कतेक बेर त' आधा-आधा घंटा मे पूरा पेज नहि खुलैत अछि। उम्मीद अछि जे अहाँ एहि दिस ध्यान देबैक आ कृपा कय बाहरी लिंक आ विजेट (Widget) सभ के किछु कम कएल जाए जाहि सँ "हेलो मिथिला" देखय मे आसानी रहत।

    सादर-
    कुन्दन कुमार मल्लिक,

    बेंगलुरु, सम्पर्क- 09739004970

    ReplyDelete
  7. Kundan jee...ahank bahut bahut dhanyawad je ahan ehi samasya san hamr awgat karailau...hum ekra lel shigra kono upaai karai chhee...dhanyawad

    ReplyDelete
  8. समय होत बलवान...उनके बारे में और क्या कहें...

    ReplyDelete

अहांक विचार/सुझाव...