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एक वोट करय चोट

आई-काल्हि जखन चुनावी प्रक्रिया चलि रहल अछि. राजनीति के अपराधीकरण एकबेर फेर सं बड़का मुद्दा बनि कs उभरल अछि. कोनो पार्टी एहन नहिं अछि जेहि मे अपराधी तत्व के टिकट नहिं देल गेल होए. एहि अपराधी तत्व मे बाहुबली... माफिया... खूनी... डकैत...तस्कर शामिल भs सकैत अछि. चारु कात बाहुबली... अपराधी तत्व के जमघट अछि. सभ पार्टी केहुना कुर्सी पाबय चाहैत अछि एकरा लेल जोरगर... दबंग... आओर आपराधिक प्रवृति वाला लोक के टिकट दैत छथिन्ह. कोनो एकटा दल के एकरा लेल दोषी नहिं कहल जा सकैत अछि. सभ दल के एकहि हाल अछि. कोनो पार्टी ई दावा नहिं क सकैत अछि जे हुनका पार्टी मे एकोटा विवादास्पद पृष्ठभूमि के लोक... नेता नहिं अछि. संसद... विधानसभा मे अहां के कइटा एहन चेहरा देखय लेल मिलि जाएत जिनकर पृष्ठभूमि सभ के पता रहैत छनि. आई काल्हि जखन गठबंधन के सरकार बनाबय के टाइम आबैत अछि त पार्टी ककरो समर्थन लेबय लेल तैयार भs जाएत अछि... चाहे हुनकर व्यक्तित्व केहनो किएक नहिं होए. एहि कारण संसद आओर विधानसभा के गरिमा सेहो कम भेल अछि.
अपराधी... आतंकी... नक्सली के राजनीतिक संरक्षण मिलय लागल अछि. सरकार के एहि सं लड़य लेल मजबूत इच्छा शक्ति के जरूरत अछि. मुदा वोट बैंक के राजनीति के कारण सरकार ओहि इच्छाशक्ति के देखा नहिं पाबैत अछि. कुर्सी जाय के डर के कारण कोनो कार्रवाई नहिं होएत अछि. ओना चुनाव के समय नेता जी सभ के भाषण सुनिऔं लागत... भ्रष्टाचार... आतंक... अपराध के खिलाफ ओ सभ सं जोरदार ढंग सं लड़ि सकैत छथि. मुदा भाषण के बाद सभ ओहिना के ओहिना. आई त इहो कहल जा रहल अछि राजनीति अपराधी... काला धंधा करय वाला... अपहरण करय वाला... दलाल... तस्कर... गुंडा-डकैत के अड्डा बनल जा गेल अछि. वोट पाबय लेल बूथ कब्जा ... पाई बांटनाय... शराब... ताड़ी पिलानाय... झूठ वादा करनाय जे सभ होएत अछि करय छथि.
शुरू मे नेता सभ अपन दबंगई... वर्चस्व... बूथ कैपचरिंग के लेल अपराधी सभ के अपना संग जोड़लाह. मुदा जखन ओहि अपराधी सभ के लागल जे जखन ओ नेता जी के जीता सकय छथिन्ह त खुद किएक नहिं जीत सकैत छथि. बस ओहो सभ चुनाव लड़य लगलाह आओर जीतय लगलाह. पहिने बूथ कैपचरिंग बेसि होएत छल मुदा आब वोटिंग मशीन... ईवीएम अएला के बाद निष्पक्ष आओर स्वतंत्र मतदान होए लागल अछि. इक्का-दुक्का मामला के छोड़ल जा सकय अछि.
आई हाल ई भ गेल अछि जे नीक लोक राजनीति मे आबय नहिं चाहय छथिन्ह. चुनाव लड़य मे एतेक खर्च भ जाएत अछि जे आम लोक के सामर्थ्य के गप्प नहिं रहि गेल अछि. असल मे देश के विकास के लेल राजनीति मे नीक... ईमानदार लोक के होनाय बहुत जरूरी अछि. मुदा जखन सेवा भावना राखय वाला नेता के जगह बाहुबली... अपराधी प्रवृति के लोक कुर्सी संभालय लगताह त देश के कि हाल होएत ओकर भगवाने मालिक अछि.
ओना अपराधी सभ के चुनय लेल अपना लोक सभ सेहो कम जिम्मेदार नहिं छी. हम ही सभ न वोट द कS हुनका जीताबय छिएन्हि. अगर हम सभ वोटर जागरूक भ एहन दागी लोक के वोट नहिं दी त हिनकर चरण संसद... विधानसभा के नापाक नहिं क सकत. अहांक लेल ई नीक मौका अछि. जे अपराधी... बाहुबली लोक चुनाव मे ठाड़ छथि हुनका खिलाफ अभियान चलाउ... हुनका वोट नहिं देबय लेल लोक के जागरुक करु... नीक लोक के चुनु. फेर किनका वोट देबय से के देखत... अहांक वोट देबय काल ओ बाहुबली नहिं रहत. जे साफ-सुथरा व्यक्तित्व वाला उम्मीदवार छथिन्ह... जे विकास करय वाला लोक लगय छथि हुनका वोट द अपराधी के सबक सिखाउ. ओना एहि के लेल कइटा संगठन... लोक काज क रहल छथिन्ह.. लोक के जागरूक करय मे लागल छथिन्ह. एके बेर मे सभ अपराधी के त रोकल नहिं जा सकैत अछि मुदा किछिओ संख्या कम भेल त लागत जे सही दिशा मे चलि रहल छी. बस शुरूआत होबाक चाही. आओर जे एहन लोक छथि हुनका त सभ त चिन्हते छी. चुपचाप... बिना कोई हो-हल्ला के एहन लोक के वोट नहिं द राजनीति ... संसद... विधानसभा के साफ सुधरा बनाउ. राजनीति मे अपराधीकरण के रोकय लेल ई एकदम जरूरी अछि. नीक लोक के आगां आबय पड़त. एकजुट होए पड़त. अपराधी...बाहुबली के चुनय जाए सं रोकय पड़त .नीक लोक के लाउ. अहांक एकटा वोट बड़का चोट सs सकैत अछि.


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3 comments:

  1. बहुत बढ़िया...एक वोट में बड़ी चोट है...

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  2. क्या बात है...एक वोट करे चोट

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