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गामक स्वाद

अहां सभ के नव वर्षक शुभकामना. केहन रहल नया साल के पार्टी. अखन गाम घर मे एतेक ठंड अछि जे घर सं निकलनाय मुश्किल जान पड़ि रहल अछि. सूरज महराज के दर्शन तक नहिं भs पाबि रहल अछि कई- कई दिन तक. हमर त एहन रहल जे साल के पहिल दिन दफ्तर गेलहुं आ ओतय रेस्ट्रां मे खाना खयला के बाद तबियत गड़बड़ भs गेल. खाना खायते मन घुमय लागल... घऱ पहुंचला पर राति मे उल्टी भs गेल. अहां सभ सोचैत होयब जे जी- जान सं बेसि खा लेब त इहे होएत न. मुदा से गप्प नहिं अछि. बस चारि टा पुरी आ सब्जी खएलौं. फूड प्वाजनिंग टाइप के भs गेल. एक त ठंड दोसर तबियत बिगड़ि गेल. दिन भर कंबल मे घुसल रहलौं. आब किछ नीक लागि रहल अछि त सोम दिन सं फेर दफ्तरक अनाय-जनाय शुरू भs जाएत.
ओना गाम घर दिस ठंड सं हाल बड़ खराब अछि. कोहरा... कुहासा के कारण किछ दिखाएत नहिं रहैत अछि. एहि के कारण कइटा ट्रेन सेहो रद्द कs देल गेल अछि. जे चलिओ रहल अछि ओ दस-दस... बारह-बारह घंटा देर सं चलि रहल अछि. बड़ जरूरी काज नहिं रहल त लोक घर सं निकलय मे बचय चाहय छथिन्ह. घर सं निकलौं त ऊपर सं नीचा तक सभ किछ झांपि-तोपि कs. मुदा एहि जाड़ मे खाय पिबय के सेहो दोसरे मजा अछि. लिट्टी-चोखा... सतुआ भड़ल रोटी... छोला... बड़ी... पकौड़ी... रसदार नूनगर... तीतगर तरकारी... मुरही- घुघनी... माछ-भात चलैत रहय छै. गाम मे पुआरक घूर...आगि तापैत रहु आओर अल्हुआ खाएत रहुं. खूब प्याज... हरिहर मिरचाय द चावल...चिवड़ा आओर मकई केर भूजा एकर आनन्द किछ आओर अछि. सांझ मे घुमैत- घुमैत कोनो चाय दोकान पर बैसि आलू चॉप... कच... समोसा एकर स्वाद दिल्ली मुम्बई के पिज्जा मे नहिं मिलत. दिल्ली... मुम्बई मे कतेको फाइव स्टार होटल... बड़का...बड़का रेस्ट्रां मे खा लिअ... गामक ओ छोटगर मड़ैया वाला दोकानक स्वाद के तुलना कोई नहिं कs सकैत अछि.
दिल्ली मे केतबो चांदनी चौक के चाट खा लिअ अपना ओहिठामक समोसा वाला... छोला वाला चाटक जे स्वाद अछि अखनो याद आबि जाएत अछि. स्कूल मे टिफिन के घंटी बजला पर स्कूल गेट पर ठेला पर जे छोला बनाबैत छल आ ओ दस रंगक मसाला...दोलमोट आ चटनी सं छोला के सजाबैत छल ओहि चाटक स्वाद अखनो मुंह मे पानि लाबि दैत अछि. ओना एकटा गप्प ई जरूर अछि जे आब गाम गेलाह पर साफ...सफाई के लs गाम घरक दोकान पर जाय के मन नहिं करैत रहैत अछि. मुदा ओ स्वाद अखनो नहिं बिसारल जाएत अछि.




2 comments:

  1. sab sa,n pahile NAMASKAAR ,
    shrimaan apane ta Ggunke maja khoob lay rahal chhi, aa hamra Paradeshi lokain ke gamak yaad dila k,a tarpa delau.lekin ehi TARAPAN me seho ekta alage majaa chhai. shayad apano ke e majaa nahi milait hoyat. DHANYAWAAD apanek
    Prabandha kumar singh
    Manigachi
    Darbhanga

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  2. हमरा ई निक लागल.

    अहांक श्रुकिया .

    सुभाष

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