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अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन




अलग मिथिला राज्य के मांग एक बेर फेर जोर पकड़ल अछि. दिल्ली के लाजपतनगर मे शुरू भेल दु दिनक अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन मे लोक सभ एकमत सं कहलाह जे आब मिथिला राज्य बनय मे देरी नहिं होबाक चाही. 21 दिसम्बर के लाजपतनगर मे सम्मेलन भेल जखन कि 22 तारीख के जन्तर-मन्तर पर धरना प्रदर्शन कएल गेल.
सम्मेलन मे लोक सभ के कहनाय छलन्हि जे मिथिलाक सामाजिक... सांस्कृतिक विरासत दोसर सं एकदम अलग अछि. एकर अपन अलग सभ्यता... संस्कृति... साहित्य अछि. अलग पहचान अछि. देश मे भाषा के आधार पर कइटा राज्य बनल अछि अगर भाषा के आधार पर देखल जाए त मैथिली देश के टॉन टेन भाषा मे शामिल अछि. जनसंख्या... क्षेत्र कोनो आधार पर मिथिलाक मांग ठुकराएल नहिं जा सकैत अछि. लोक सभ के त इहो कहनाय छलन्हि जे हम अलग मिथिला राज्य बनाबय के मांग नहिं कs रहल छी... हम त मिथिला राज्य जे हजारों... सैकड़ों साल सं छल ओकर पुनर्स्थापना चाहय छी.
सम्मेलन मे मिथिलाक बाढ़िक समस्या पर सेहो चर्चा भेल... लोकक पलायन केना रोकल जाय... मिथिलाक लोक के रोजगार के लेल कि सब कएल जा सकैत अछि. माछ... मखान... आम... लीची... तम्बाकू के केना रोजगार सं जोड़ल जा सकय अ एहि पर सेहो विचार विमर्श भेल. विकास के लेल मिथिला के आईटी आओर शिक्षा हब मे बदलय के विचार सेहो आएल. लोक सभ के इहो कहनाय छलन्हि जे जखन तक मिथिलाक सभ गोटे के संग नहिं लेब... काज के आगां बढ़नाक मुश्किल अछि. एहि के लेल एहन कार्यक्रम बेर- बेर होबाक चाही आओर ओहि मे सभ वर्गक प्रतिनिधि होबाक चाही. प्रतिनिधि सिर्फ देखाबय लेल नहिं होबाक चाही जे कहल जाय कि हमर कार्यकारिणी मे सभ वर्गक लोक छथि. हुनका सभ के वास्तव मे लs क चलय के जरूरत अछि.
दिल्ली मे हमरा कइटा मैथिली कार्यक्रम मे जाय के मौका मिलल मुदा सभ मे एकटा कमी देखल गेल जे ककरो बारे मे कोनो पेपर... अखबार मे किछ नहिं छपल . कोनो ठाम ई संदेश नहिं छल जे फलां तारीख के फलां ठाम फलां कार्यक्रम भs रहल अछि. अहां सभ बेसि सं बेसि संख्या मे आउ. सभ किछ मुजबानी चलैत अछि. ओ त एम्हर -ओम्हर सं खबर मिलि गेल त पहुंचि गेलहुं. कोई गोटे बता देलाह त नीक नहिं त कार्यक्रम भs गेल अहां के पता सेहो नहिं चलत... ओ त पेपर ... अखबार आ टीवी मे बहुत मैथिली प्रेमी सभ छथिन्ह जे कोनो तरहे पता चलला पर अपन रिपोर्टर... कैमरामैन के भेज दय छथिन्ह. मुदा हिनका सभ के कोनो चिंता नहिं रहय छनि जे एकर कोनो प्रचार प्रसार होए. खबर... न्यूज आबय. आ बिना प्रचार प्रसार... हो हल्ला के अहां लाइट मे आएब मुश्किल देखाएत अछि. सिर्फ एकटा कार्यक्रम के बारे मे अखबार के आएल छल... ओहो मैथिली अकादमी के सरकारी विज्ञापन छल जे फलां दिन श्रीराम सेंटर मे मैथिली कार्यक्रम अछि. नहिं त मैथिली... मिथिलाक कार्यक्रम के बारे मे त कोनो खोजखबर नहिं मिलत. दु-चारि टा दोस्त सभ मिलत त कहत फलां दिन फलां ठाम बड़ नीक मैथिली कार्यक्रम भेल छल त अहां कहबय जे हमरा त पता नहिं चलल...पता रहैत त हमहुं चलतहुं.
मैथिली कार्यक्रम भने दिल्ली... नोएडा मे होएत अपन मैथिल लोक नहिं सुधरब... दिल्ली टा मे नीक लाइट... बाजा के साटा नहिं करय छथिन्ह. नहिं त नीक सं साउंड सिस्टम रहत नहिं लाइट सिस्टम. सभ गड्ड...मड्ड. नहिं बैसय के नीक व्यवस्था... सभक जोर मंच पर बैसल के रहय छनि आ लोक सभ के पाछा रखने रहय छथिन्ह. कइ बेर त लगैत अछि जे मंच पर बैसल लोक अपने मे बाजय छथिन्ह आ सुनय छथिन्ह. पाछां लोक सभ अपना मे बतिआएत रहय छथि. भारी अव्यवस्था रहैत अछि. मीटिंग स्थल के चुनाव सेहो नीक सं नहिं होएत अछि. एहि के लेल एहन जगह होबाक चाही जतय लोक के आबय- जाय... चाय - पानि... नुनु -बच्चा के लेल किछ खाय पिबय के परेशानी नहिं होय. जगह साफ -सुथरा होए. जतय लोक शांति सं बैसि सकय. छोट-छोट बात के ध्यान रखय पड़य छै. अहां जखन दु ... तीन मास पहिने सं तैयारी करय छी त एकरा सभ के ध्यान राखय पड़त.

2 comments:

  1. बड्ड नीक खबरि देलहुँ हितेश भैय्या। संगहि नीक सुझाव सेहो देलियन्हि।

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