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मैथिल बैसार

आई 29 अक्तूबर के दिल्ली के सरिता विहार मे मैथिल लोकक एकटा बैसार भेल. ई बैसार अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद के डॉ धनाकर ठाकुर जी केर अध्यक्षता मे भेल. एहि मे सभ क्षेत्र सं जुड़ल लोक अएलाह. नीक गप्प ई भेल जे बैसार काली पूजा केर पंडाल मे भेल जाहि कारण स्थानीय लोक सभ सेहो बढ़ि- चढ़ि कs शामिल भेलाह. बैसार मे मुख्य रूप सं एहि गप्प पर चर्चा भेल जे मिथिला राज्य के साकार रूप मे लाबय लेल अखन तक कि सभ कएल गेल अछि... कि सभ कएल जा रहल अछि... आओर कि सभ करय के जरूरत अछि. मिथिला राज्य के मांग पर जोर देबय लेल 21 आओर 22 दिसम्बर के दिल्ली मे अठारहम अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन होबय जा रहल अछि. सम्मेलन लाजपत नगर के शीतला मंदिर मे होएत. सम्मेलन के क्रम मे 22 दिसम्बर के जंतर-मंतर पर धरना सेहो देल जाएत. डॉ धनाकर ठाकुर जी ओहि सम्मेलन के सफल बनाबय के लेल दिन-राति एक कएने छथिन्ह. गाम-गाम... घर-घर जाs क लोक के एहि सम्मेलन मे आबए लेल कहि रहल छथिन्ह. धनाकर जी एहि लेल 6 सं 9 अक्तूबर तक साइकिल यात्रा पर छलाह. साइकिल यात्रा के क्रम मे ओ जयनगर सं बिसौल... हरलाखी... उमगांव... फूलहर... गोपालपुर... गंगौर... साहरघाट... धनौजा... बेनीपट्टी... अरेड़... कोइलख... राजनगर तक गेलाह. एहि क्रम मे मधुबनी... कलुआही... राजनगर मे बैसार सेहो भेल. एहि साइकिल यात्रा मे हिनका लोक सं जुड़ल केर नीक मौका मिललन्हि आ राज्य मामला पर लोकक समर्थन सेहो मिललन्हि.

डॉ धनाकर ठाकुर जी ओना तं पेशा सं डॉक्टर छथिन्ह आ दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल सं पढ़ाई कएने छथिन्ह. पढ़ाई आ नौकरीक सिलसिला मे कई ठाम रहल छथिन्ह. सभ ठामक रहन-सहन... कला-संस्कृति... भाषा केर सम्पर्क मे आएल छथिन्ह. सभसं पैघ गप्प ई जे अपन काजक बीच मिथिला... मैथिली के लेल समय निकालि पाबैत छथिन्ह. कोसी बाढ़ि मे लोकक बीच जा राहत काज मे सेहो लागल छलाह. ओना त गप्प मारय वाला... नुक्ताचीनी करय वाला... मीनमेख निकालय वाला... दस टा खौंचांरि निकालय वाला लोक सभ बड़ मिलि जएताह मुदा काज के नाम पर सभ पड़ा जएताह. ताहि लेल धनाकर जी जे कs रहल छथिन्ह हुनका अहां सभ के सहयोग करबाक चाही. कोनो संस्था सं होए... कोनो गुट सं बनय... मिथिलाक सर्वांगीण विकास केर लेल अलग राज्य बननाए एकदम जरूरी अछि. अहां नौकरी... पढ़ाई... बीमारी... पावनि-त्योहार... घर-परिवार के दस टा बहाना बना एहि लेल आगां आबय सं कटय चाहब. कोनो भार अपना ऊपर नहिं लेबय चाहब. मुदा कोई करथिन्ह त दस टा खोंच निकालय लागब. ई सभ छोड़ि जे कोई गोटा मिथिला लेल आगां बढ़य छथि हुनका समर्थन करऔ... हुनकर सहयोग करिऔ. एहि के लेल अहां जेहि तरहे होए ओहि तरहे सहयोग कs सकय छी. चुनाव अहां के करय के अछि जे अहां कोन तरहे सहयोग द सकय छी. तन... मन... धन कोनो तरहे. दस लोक के फोने कs हुनका एहि आंदोलन सं जोड़ि सकय छी सेहो बड़का काज होएत. पेपर मे विज्ञापन या खबर निकलबा सकय छी... ईहो बड़का काज होएत. हजार...पांच सय परचा छपबा सकय छी... अहांक जे मन होए से करु मुदा सहयोग करु... आगा आउ. आबय वाला पीढ़ी के लेल किछ कष्ट सहय पड़त. अगर किछ नहिं कs सकय छी त कम सं कम काज करय वाला लोक के हिम्मत त नहिं तोड़िऔ.

खैर एकरा छोड़ु अगर अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद के बारे मे किछ जानय के अछि त अहां दिल्ली मे अकर संयोजक कृपानंद झा जी सं सम्पर्क कs सकय छी. हुनकर नंबर छनि- +91-9868551104 . एकरे संग अहां mithila_vasi@yahoogroups.com पर सेहो सम्पर्क कs सकय छी. झारखंड मे श्री धर्मेश्वर झा, अरविंद नगर ( MIG, D-11o क पाछां ) हरमू हाउसिंग कॉलोनी, रांची-834002 . फोन नंबर +91- 9430141788. धनाकर जीक ईमेल छनि- dhanakarmithila@rediffmail.com


एहि बैसार मे एकटा नीक बात ई देखय मे आएल जे बैसार के आखिर मे महाकवि बैद्यनाथ मिश्र 'यात्री' जीक मिथिला प्रार्थना कएल गेल. धनाकर जी के कहनाय छलन्हि जे ओ प्रत्येक मैथिली बैसारक समाप्ति एहि सं करैत छथिन्ह. त लिअ आखिर मे हमहुं अहांक लेल ओ प्रार्थना एहि ठाम द रहल छी...


भगवान ! हमर मिथिला सुख शांति केर घर हो .

आदर्श भूमि मिथिला इतिहास मे अमर हो.

जहिठाम जाई हम सब सिंहे तहां कहाबी,

दुर्दांत होइ सबठां केवल अहांक डर हो.

जग भरि सुनी नचारी तिरहुति महेशवानी,

सभकेर कण्ठपथमे मृदु मैथिलीक स्वर हो.

अत्यन्त शक्तिशाली जे द्वीप अछि तहु पर,

एहि देश केर भाषा ओ भेषहुक असर हो.

पसरय एतय यथोचित अभिनव कला कुशलता,

प्रतियोगिताक रणमे ई प्रांत अग्रसर हो.

अंतिम विनय दयालु, बस आब एकटा जे,

ई पाग विश्वभरिमे सबकेर माथ पर हो.


4 comments:

  1. hitendra ji bad bes, ta december me hoi bala aandolan me hamro nene chalab, ahan chupe-chupe sab thaam chali jait chi aa hamra chori dait chi, i baat nik nai

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  2. धनाकर ठाकुर बड्ड नीक काज कय रहल छथि। कोनो आन्दोलन जे चलाओल जाइत अछि ताहिमे यदि लीडर निष्पक्ष, कर्मठ आ इमानदार रहय तखन ओहिपर क्यो आँगुर नहि उठा सकैत अचि। धनाकर ठाकुर ओहने व्यक्तित्व छथि। 1993-94 मे श्यामलीमे हुनकासँ हुनकर डेरापर हमरा भेँट अछि, मिथिलाक आ मैथिलीक प्रति हुनकर स्नेह आ कर्मठता यदि राजनीति केनिहार राजनेता आ साहित्यकार लोकनिमे आबि जाय तँ मिथिलाक आ मैथिलीक दशा किछु आने तरहक रहैत।

    গজেন্দ্র ঠাকুব

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  3. sir,hamra ye batayo...ki hum kena madad kar sakb. hamar dilli iksha ya Mithla lel kich karu,apan jamin la kich karu. bara abhari rahab agar bata saki.....aaha ka mail ka intzaar karab.

    sumit.jha14@gmail.com

    www.nrainews.com

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  4. yahan ke site bad badhiya lagal. yahan bahut mehnat kale chhi. yahan ke soch se pure maithila vasi ke kalyan bha sakat chhe. 21-22 Dec ke baithar baste hamhu besi gota ke suchna devah ke prayas kai rahal chhi. Dilli me Mithila Bhasi takreeban 5 lakh hyota. Ekra me se 5% akatha hue takhan baithar ke maksad bhai sakat chhe. MITHILA RAJ ke sapna pura hoet.

    Vinay Kumar Giri
    Keoti, Distt Darbhanga
    Dilli Ke Pata
    Badarpur Border
    New Delhi 110044
    +91119810877157, 9868731947

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