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पानि सिर के ऊपर सं बहि रहल अछि...


पानि आब सिर के ऊपर जा रहल अछि. बर्दाश्त नहि भs रहल अछि. किछ करु नहिं त किछ कs लेब. कतेक इंतजार करु. सिर्फ कोसी के पानि सिर के ऊपर सं नहिं बहि रहल अछि. हालात सेहो तेहने अछि. बांध टूटला के एतेक दिन भेला क बादो कईटा इलाका मे राहत के कोनो किरण नहिं दिखाई द रहल अछि.
जेना तेना कs लोक सभ शहर दिस भागि रहल छथिन्ह जान बचाबय लेल. मुदा शहर मे सेहो कतहुं किछ पता नहिं चलि रहल अछि. सभ किछ अव्यवस्था के शिकार अछि. नहि खाय केर व्यवस्था अछि नहि रहय केर... बचय लेल ऊंच स्थान पर... बांध पर... डीह पर आबि त गेलहुं मुदा कपड़ा -लत्ता नहिं अछि पिछला पन्द्रह सोलह दिन सं एकेटा कपड़ा पहिनने छी. ई हाल बाढ़ि मे फंसल बेसि सं बेसि लोकक अछि. अपना त केहुआ बर्दाश्त कs रहल छी मुदा नुनु... धिया पुता... बुढ़ बाबा.. काकी... दाई के देखि मन छटपटाइत अछि. लगैत अछि पागल भs जाएब... भs कि जाएब भए गेल छी. एतेक निरीह कहिओ नहिं छलहुं. जीबैत छी मुदा मरलो सं बदतर हाल मे. बाढ़िक हाल... अपन लोक केर हाल... गाम घर केर हाल देख कनय केर मन करय अछि. मुदा कानैत नहिं छी अपने कानय लागब त दोसर के कि भरोस देयब. करेज फाटय अ तखनो दोसर के भरोस दैत छी जे घबराऊ नहिं ऊपर वाला छथिन्ह नहिं किछ जरूर होएत. मुदा जे तबाही देखलहुं ओकरा देखि भीतर सं इहो भरोस डगडगा जाएत अछि. सेना लागल... नीक लोक मदद के लेल आगां आबि रहल छथिन्ह मुदा हुनका लेल त ई अनजाने स्थान अछि न. एहि ठामक नेता... दबंग... जोड़गर लोक सभ जेना चाहैत छथि अपन हिसाब सं राहत चलाबैत छथि. राशन ...सामानक खेप पर हुनकर कब्जा भs जाएत छनि. कमजोर लोक... गाम घर सं आएल लोक के टरकाबैत रहैत छथिन्ह. एना निहारैत छथि जेना कोना दोसर लोकक...ग्रहक प्राणि होय. हेकारत सं देखैत छथिन्ह. एक- दु टा राहत कैम्प बनलो अछि त ओहि मे लोक सभ के ठुसि देल गेल होए. अहां राहत केर बात करय थी कतए सं आबैत अछि आओर कतs चलि जाएत अछि... कोनो पता नहिं चलि पाबि रहल अछि.
अहां कहय छी जे बाढ़ि मे सय- दु सय लोक मारल गेल अछि मुदा सोचिऔ जे पानि अपना संग गाम केर गाम बहा लs ओ कि लोक के राहत केर लेल छोड़ि देने होएथिन्ह. सैकड़ों- हजारो लोक बहि गेल.
कोनो संख्या नहिं अछि. पानि कमत त हुनकर सभ केर बारे मे पता चलत... धीरे-धीरे खबर बाहर आएत. कहय छी कुरसेला मे गंगा मे मिलि गेलाह के बाद कोसीक पानि किछ कम होएत मुदा अखनो पानि के हाल तेहने अछि. नब-नब इलाका मे पानि भरि रहल अछि. दोसरो इलाका मे बाढ़िक पानि घुसि रहल अछि. पानि कम भेले सं कि कs सकय छी ओतेक दिन सं केहुना जीबैत छी किछुओ खा ...खर-पात खा. देह मे दम नहिं रहल. केहुना खाड़ भs पाबैत छी. केना जाएब शहर दिस. लोक सभ बीमार सेहो पड़ल छथिन्ह. ककरा सं देखायब कोनो वैध... डॉक्टर होय तखन नहिं. सभक हाल एके जकां अछि . सभ भेद मिटि गेल अछि. खाय... पिबय सं लs क दिशा मैदान दिस जाय सभक परेशानी अछि. कि कएल जाउ. लगैत छ आब नहिं बचबs. पानि सच मे सिर के ऊपर सं गुजरि रहल छ.

1 comment:

  1. bura hal hai....paani baha nahi, bahaa ker le jaa raha hai

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