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मैथिली-भोजपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम

दिल्ली में मैथिली-भोजपुरी अकादमी बनला के बाद एकर पहिल सांस्कृतिक कार्यक्रम 5 आओर 6 अगस्त के भs रहल अछि. कहि सकय छी जे मैथिली-भोजपुरी अकादमी 5 तारीख सं औपचारिक रूप सं अपन काज शुरू कs देत. मैथिली- भोजपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रमक शुरुआत भोजपुरी लोकगीत सं 5 अगस्त के होएत. एहि समारोह के मुख्य अतिथि छथिन्ह दिल्ली के मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित. श्रीमती शीला दीक्षित मैथिली-भोजपुरी अकादमी के अध्यक्ष सेहो छथिन्ह. अकादमी के उपाध्यक्ष छथिन्ह प्रो. अनिल मिश्रा जी. पहिल दिन भोजपुरी लोकगीत के बाद भिखारी ठाकुर के सुप्रसिद्ध भोजपुरी नाट्यकृति बिदेसिया केर मंचन कएल जाएत. बिदेसिया नाटक केर लेल पटना सं सेहो कलाकार सभ आएल छथिन्ह. कार्यक्रम दिल्ली के मंडी हाउस के श्रीराम सेंटर में होएत. कार्यक्रम सांझ में साढ़े पांच बजे शुरू होएत आओर करीब नौ बजे राति तक चलत.
दोसर दिनक कार्यक्रम सेहो एहि समय पर शुरू होएत. दोसर दिन 6 अगस्त मैथिली केर नाम अछि. पहिने मैथिली लोकगीतक कार्यक्रम अछि. एहि मे सुन्दरम जी आओर सुश्री राखी जी अपन कार्यक्रम पेश करताह. मिथिलांगन के कार्यक्रम मे दुनु गोटे के सुनय के अवसर मिलल रहय. हिनकर गीतनाद के कार्यक्रम के बाद महेन्द्र मंगलिया जीक सुप्रसिद्ध मैथिली नाटक काठक बनल लोक केर मंचन होएत. मैथिली- भोजपुरी अकादमी बनला के बाद पहिल बेर कार्यक्रम भs रहल अछि. एहि लेल भीड़ कनि बेसि रहत ताहि लेल समय सं अपन सीट लs लेबाक कष्ट करब. आगा अकादमी सं कोनो काज होय तं अहां एहि पता पर सम्पर्क कs सकय छी.

मैथिली- भोजपुरी अकादमी, समुदाय भवन, पदमनगर, किशनगंज, दिल्ली-110007, फोन नंबर-011-23699681 , 23699682

कार्यक्रम भs रहल अछि ई नीक गप्प अछि. मुदा ई जानि बड़ दुख भेल जे... जे लोक सभ मैथिली के लेल संघर्ष कएलाह... मैथिली के अष्टम अनुसूची में शामिल करबाबय लेल दौड़- धूप कएलाह. अकादमी बनाबय लेल मुख्यमंत्री लग दौड़लाह. जिनका सभा में मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित अकादमी बनयबाक घोषणा कएलथिन्ह. अकादमी बनला के बाद हुनका सभ के बिसरा देल गेल अछि. अपना में जतेक लड़ाई... झगड़ा होय मुदा जखन मैथिली के विकासक गप्प होय...समग्र कार्यक्रमक गप्प होय... किताब छपबाक गप्प होय... मैथिली साहित्य -संस्कृति के बढ़ावा देबाक गप्प होय ओतए अपन मतभेद सामने नहिं आबए दिऔ. सभ गोटे एक संग आबि मैथिलीक विकासक गप्प करु. ऐना नहिं होय कि कर्म करय कोई आ फल खाय कोई. संघर्ष करता कोई आ मजा उठायताह कोई. एना करब त आगां निस्वार्थ भाव सं काज करय वाला लोक नहिं मिलत. सभ लोक के संग लs क चलय के जरूरत अछि. ई नहिं कि ओ फलां बैनर सं संघर्ष कएने छथिन्ह आओर ओ फलां बैनर सं. अरे महाराज सभ अलग- अलग संघर्ष कएने छथिन्ह तखन न ओकर असर भेल छै... आओर सरकार अकादमी बनाबय लेल मजबूर भेल छै. भने अहां दिल्ली में संघर्ष कएले छी मुदा दरभंगा... मधुबनी... सहरसा... पूर्णिया... समस्तीपुर में मैथिलीक लेल संघर्ष करय वाला में बिसराबय के कोशिश करब त लोक जल्दीए अहुं के बिसरा देत आ बेसि दिन कुर्सी पर नहिं रहय देत. जे लोकनि अपन संघर्ष सं सरकार के अकादमी बनाबय लेल मजबूर कs सकय छथिन्ह ओ अहां के ओहि
ठाम सं उठाकय फेंकय लेल सेहो मजबूर कs सकय छथिन्ह. ताहि लेल प्रेम भाईचारा केर संग मिलि जुलि के चलु. आ मिथिला...मैथिलीक विकासक गप्प करु.


2 comments:

  1. हितेन्द्रजी,
    हमारा तँ कार्यक्रममे आएब, अहाँ आयब आकि नहीं से सूचित करू। आबी तँ भेँट-घाँट होएत।

    গজেন্দ্র ঠাকুব

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  2. मैथिली समझ लिहिला, बाकी बोले ना आवे। एहसे आपन टिप्‍पनी भोजपुरिए में देत बानी। ई बहुत बढि़या बा कि दिल्‍ली में मैथिली भोजपुरी के कार्यक्रम होखे जा रहल बा। एकरा से आपस में जुड़ाव बढ़ी।

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