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दरभंगा स राजनगर

एहि बेर गर्मी छुट्टी में मन भेल जे दरभंगा राज सS राजनगर तक घुमल जाय... बिहार सम्पर्क क्रांति ट्रेन पकड़ि चलि पड़लऊ दरभंगा...गाम घर...अपन इलाका में पहुंचबाक खुशी...होइत छल जे कतेक जल्दी डेरा पर पहुंचु...ओहि दिन दरभंगा में मुसलाधार पानि रुकय के नामे नहि लैत छल...चप्पल उतारि..पेंट खोंसि स्टेशन सँ बाहर आबि ठेहुन भरि कादो पानि के बीच केहुना रिक्शा लय डेरा दिस विदा भेलहुं...भरि रास्ता लागय जे रिक्शा सS आब खसलहुं की तब खसलहुं...रोडक कतहुं पते नहिं चलय...ठेहुन भरि पानि स रिक्शा वाला सेहो परेशान छल...डेरा पहुंचि नहा-घो क टावर चौक दिस चलि देलंहु॥ चलय स पहिने अपन सभ जान पहचान वाला के फोन कय देलयन्हि दे आबि गेल छी...ओहि दिन वार्ड कमिश्नर चुनाव के रिजल्ट सेहो निकलल रहय ताहि शहर में काफी हो हल्ला रहय...सांझ में हमर सभक जुटानि भेल आजतक के रिपोर्टर प्रहलाद जी...उर्फ किलु जी के घर पर.... ओहि में सहारा समय राष्ट्रीय चैनल के जयपाल शर्मा जी...अजय मोहन प्रसाद जी...रोजाना के मणिशंकर जी...आंखो देखी के पप्पुजी...आओर एनडीटीवी के प्रमोद गुप्ता जी सेहो छलाह...हम १९८८ सँ २००१ तक प्रमोद जी के पिताजी श्री रामगोविन्द प्रसाद गुप्ता जी के तिरहुतवाणी में काम कअने छलहुं...गप्प...हंसी ठहाका में राति केना गुजरि गेल पता नहिं चलल...खैर तय भेल जे कालि राज कैम्पस घुमय लेल चलल जाइत...
राज कैम्पस में गेला पर ऊ पुरान दिन याद आबि गेल...आब त चारों दिस अतेक निर्माणक काज चलि रहल अछि जे राज परिसर के भव्यता खत्म भ गेल अछि...मार्केट बनि गेल अछि...परिसर त छोडू...किला के अंदर सेहो मकान सभ बनि गेल अछि... राजाक भव्य महल...किला के संरक्षण के जरूरत छल मुदा ओहि पर कोनो ध्यान नहि देल गेल अछि...आलीशान पैलेस खंडहर में तब्दील भ रहल अछि...
राज परिसर सँ भारि मने राजनगर लेल विदा भेलहुं...केवटी...रहिका...मधुबनी होयत राजनगर पहुंचला पर दरभंगा से ज्यादा दुख भेल... एहि ठाम काली मंदिर... महावीर मंदिर...सभ जीर्ण शीर्ण अवस्था में आबि गेल अछि... कोनो देखरेख नहिं...राज परिसर में लोक सभ अपन अपन घर सभ बना लेलथिन्ह अ...नौलखा महल सेहो खसि पड़ल अछि...हाथिक ऊपर बनल महलके सेहो हालत खस्ता अछि...
ओना आई -काल्हि राज कैम्पस में भारत नेपाल सीमा पर सुरक्षा के लेल तैनात एसएसबी के केन्द्र सेहो बनि गेल अछि...एहि स एहि ठामक लोक सभ नाराज सेहो छैथ... हुनका सभक कहनाय छन्हि जे बस्ती वाला इलाका में सैनिक...जवान सभ के रहनाय नहिं ठीक होयत अछि...महिला सभ ओम्हर स गुजरय में विशेष सतर्क रहैत छथिन्ह...
बड़ी लाइन बनय के कारण रेल बंद रहला से लोक सभ खूब परेशान छलाह॥ओहि दिन समस्तीपुर आओर हाजीपुर स रेलवे के किछु अफसर सब आयल छलाह निरीक्षण के लेल... खिसिआयल लोकसभ हुनका लोकनि के स्टेशने पर रुम में बंद कय देलखिन्ह...चारि महीना स भरोस दैत छलखिन्ह जे ई तारीख स ट्रेन चलय लहत ...तं ई तारीख स...लोक सभ परेशान... बरसातक महीना में राजनगर स मधुबनी जाय में लोकक पसीना छुटि जाइत छल...
खैर फेवीकोल जका बनल एकटा जीप पर सवार होय दरभंगा दिस विदा भेलहुं...जतेक उत्साह स दिल्ली स दरभंगा...राजनगर लेल आयल छलहुं ओ खत्म भ गेल छल...आखिर हम सभ अपन अतीत.. विरासत...इतिहास के उदासीन किऐक छी...हम सभ एकर संरक्षण लेल खाड़ किएक नहि भ रहल छी...सिर्फ ढोल पिटला स काम नहि चलत... कहिया तक हम सभ मिथिला स बाहर एकर गुणगान करैत रहब... आखिर हम अपन आबय वाला पीढ़ी के की देखाबय चाहि छी...हमरा सभके उठय परत...अगर अहां सभ चाहैत छी जे मिथिला अलग राज्य बनय...विकासक रास्ता पर चलय ज सभ गोटे के मिलजुल के प्रयास करय पड़त...



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